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mahabharat 3.204.40-41h: भारत इनके नाम थे-दृधाश्व, कपिलाश्व और चन्द्राश्व। राजन! महाभाग! उन्हीं से अमित तेजस्वी इक्ष्वाकु वंश के महान राजाओं का वंश चला।   |   mahabharat अध्याय 3.204: धुन्धुकी तपस्या और वरप्राप्ति, कुवलाश्वद्वारा धुन्धुका वध और देवताओंका कुवलाश्वको वर देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 204: धुन्धुकी तपस्या और वरप्राप्ति, कुवलाश्वद्वारा धुन्धुका वध और देवताओंका कुवलाश्वको वर देना  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  3.204.40-41h 
दृढाश्व: कपिलाश्वश्च चन्द्राश्वश्चैव भारत।
तेभ्य: परम्परा राजन्निक्ष्वाकूणां महात्मनाम्॥ ४०॥
वंशस्य सुमहाभाग राज्ञाममिततेजसाम्।
 
 
अनुवाद
भारत इनके नाम थे-दृधाश्व, कपिलाश्व और चन्द्राश्व। राजन! महाभाग! उन्हीं से अमित तेजस्वी इक्ष्वाकु वंश के महान राजाओं का वंश चला।
 
India Their names were – Dridhaashva, Kapilashva and Chandrashva. Rajan! Mahabhag! From him, the dynasty of great kings of Amit Tejaswi Ikshvaku dynasty started.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)