Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.204.23-25: उस समय राजा कुवलाश्व के पुत्रों ने उसे चारों ओर से घेरकर उस पर आक्रमण कर दिया। तीखे बाणों, गदाओं, मूसलों, भालों, बर्छियों और चमकती हुई तलवारों से प्रहार पाकर महाबली धुंधु क्रोधित हो उठा। क्रोधित राक्षस ने उनके द्वारा छोड़े गए समस्त अस्त्र-शस्त्रों को निगल लिया॥23-25॥ | mahabharat अध्याय 3.204: धुन्धुकी तपस्या और वरप्राप्ति, कुवलाश्वद्वारा धुन्धुका वध और देवताओंका कुवलाश्वको वर देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय राजा कुवलाश्व के पुत्रों ने उसे चारों ओर से घेरकर उस पर आक्रमण कर दिया। तीखे बाणों, गदाओं, मूसलों, भालों, बर्छियों और चमकती हुई तलवारों से प्रहार पाकर महाबली धुंधु क्रोधित हो उठा। क्रोधित राक्षस ने उनके द्वारा छोड़े गए समस्त अस्त्र-शस्त्रों को निगल लिया॥23-25॥
At that time, the sons of King Kuvalashva surrounded him from all sides and attacked him. The mighty Dhundhu became enraged after being attacked by sharp arrows, maces, pestles, spears, spears and gleaming swords. The enraged demon swallowed all the weapons hurled by them.॥23-25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥