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mahabharat 3.204.20-21h: सात दिन तक खोदने के बाद कुवलश्व के पुत्रों ने उस रेत के समुद्र में महाबली धुंधु को (छिपा हुआ) देखा।   |   mahabharat अध्याय 3.204: धुन्धुकी तपस्या और वरप्राप्ति, कुवलाश्वद्वारा धुन्धुका वध और देवताओंका कुवलाश्वको वर देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 204: धुन्धुकी तपस्या और वरप्राप्ति, कुवलाश्वद्वारा धुन्धुका वध और देवताओंका कुवलाश्वको वर देना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  3.204.20-21h 
कुवलाश्वस्य पुत्रैश्च तस्मिन् वै बालुकार्णवे॥ २०॥
सप्तभिर्दिवसै: खात्वा दृष्टो धुन्धुर्महाबल:।
 
 
अनुवाद
सात दिन तक खोदने के बाद कुवलश्व के पुत्रों ने उस रेत के समुद्र में महाबली धुंधु को (छिपा हुआ) देखा।
 
After digging for seven days, the sons of Kuvalaswa saw the mighty Dhundhu (hidden) in that sea of ​​sand. 20 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)