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श्लोक  3.201.11 
महर्षिर्विश्रुतस्तात उत्तङ्क इति भारत।
मरुधन्वसु रम्येषु आश्रमस्तस्य कौरव॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! कुरुकुल रत्न! महर्षि उत्तंक का नाम बहुत प्रसिद्ध है। हे प्रिय! उनका आश्रम मरु के सुन्दर प्रदेश में है। 11.
 
Bharatanandan! The name of the Kurukula Ratna! Maharishi Uttanka is very famous. O dear! His hermitage is in the beautiful region of Maru. 11.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)