vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 20: श्रीकृष्ण और शाल्वका भीषण युद्ध
»
श्लोक 24
श्लोक
3.20.24
न हया न रथो वीर न यन्ता मम दारुक:।
अदृश्यन्त शरैश्छन्नास्तथाहं सैनिकाश्च मे॥ २४॥
अनुवाद
हे वीर! उस समय मेरे घोड़े, रथ, सारथि दारुक, मैं तथा मेरे समस्त सैनिक बाणों से आच्छादित होकर अदृश्य हो गए।
O brave one! At that time my horses, chariot, my charioteer Daruk, I and all my soldiers - all were covered with arrows and became invisible. 24.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×