vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 20: श्रीकृष्ण और शाल्वका भीषण युद्ध
»
श्लोक 22
श्लोक
3.20.22
तत: शतसहस्राणि शराणां नतपर्वणाम्।
चिक्षिपु: समरे वीरा मयि शाल्वपदानुगा:॥ २२॥
अनुवाद
तत्पश्चात् शाल्व के पीछे चलने वाले योद्धाओं ने युद्ध में धनुषों को मोड़कर मुझ पर लाखों बाणों की वर्षा की॥22॥
Thereafter, the warriors following Shalva showered lakhs of arrows with bent bows on me in the battle. 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×