श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 20: श्रीकृष्ण और शाल्वका भीषण युद्ध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.20.16 
तत्राश्रौषं नरव्याघ्र शाल्वं सागरमन्तिकात्।
प्रयान्तं सौभमास्थाय तमहं पृष्ठतोऽन्वयाम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे व्याघ्र! वहाँ मैंने सुना कि शाल्व सौभाग्य विमान से समुद्र के पास जा रहे हैं। तब मैं उनके पीछे-पीछे चल पड़ा॥16॥
 
O tiger! There I heard that Shalva was going near the sea in Saubhagya aircraft. Then I started following him.॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)