Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.192.62: सूत! एक अद्भुत बाण लाओ, जिसे विष में बुझाकर रखा गया हो, जिससे यह वामदेव घायल होकर भूमि पर गिर पड़े। कुत्ते इसे नोच-नोचकर खा जाएँगे और यह पीड़ा से तड़पता हुआ भूमि पर पड़ा रहेगा॥ 62॥ | mahabharat अध्याय 3.192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एकं हि मे सायकं चित्ररूपं
दिग्धं विषेणाहर संगृहीतम्।
येन विद्धो वामदेव: शयीत
संदश्यमान: श्वभिरार्तरूप:॥ ६२॥
अनुवाद
सूत! एक अद्भुत बाण लाओ, जिसे विष में बुझाकर रखा गया हो, जिससे यह वामदेव घायल होकर भूमि पर गिर पड़े। कुत्ते इसे नोच-नोचकर खा जाएँगे और यह पीड़ा से तड़पता हुआ भूमि पर पड़ा रहेगा॥ 62॥
Suta! Bring a wonderful arrow, which has been kept extinguished in the poison, so that after getting injured this Vaamdev falls on the ground. The dogs will tear him apart and eat him and he will keep on lying on the ground writhing in pain.'॥ 62॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥