श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 94-95
 
 
श्लोक  3.190.94-95 
मनसा तस्य सर्वाणि वाहनान्यायुधानि च॥ ९४॥
उपस्थास्यन्ति योधाश्च शस्त्राणि कवचानि च।
स धर्मविजयी राजा चक्रवर्ती भविष्यति॥ ९५॥
 
 
अनुवाद
मनसे इस बातका चिन्तन करते ही उसे इच्छित समस्त वाहन, अस्त्र, योद्धा और कवच प्राप्त हो जायेंगे और वह विजयी चक्रवर्ती राजा होगा ॥ 94-95॥
 
As soon as he thinks about this with his mind, he will have all the vehicles, weapons, warriors and armour he desires. He will be a victorious chakravarti king.॥ 94-95॥
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