श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 82
 
 
श्लोक  3.190.82 
सूदयिष्यन्ति च पतीन् स्त्रिय: पुत्रानपाश्रिता:।
अपर्वणि महाराज सूर्यं राहुरुपैष्यति॥ ८२॥
 
 
अनुवाद
स्त्रियाँ अपने पुत्रों द्वारा अपने पतियों को मरवा देंगी। महाराज! राहु अमावस्या के बिना भी सूर्य को ग्रहण कर लेगा। 82.
 
Women will get their husbands killed by their sons. Maharaj! Rahu will eclipse the Sun even without Amavasya. 82.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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