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mahabharat 3.190.69-70: महाराज! जब फूल खिलने लगेंगे और फल लगने लगेंगे, तब युग का नाश हो जाएगा। युग के अंत में बादल गलत समय पर वर्षा करेंगे। 69-70।   |   mahabharat अध्याय 3.190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.190.69-70 
पुष्पं पुष्पे यदा राजन् फले वा फलमाश्रितम्॥ ६९॥
प्रजास्यति महाराज तदा संक्षेप्स्यते युगम्।
अकालवर्षी पर्जन्यो भविष्यति गते युगे॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जब फूल खिलने लगेंगे और फल लगने लगेंगे, तब युग का नाश हो जाएगा। युग के अंत में बादल गलत समय पर वर्षा करेंगे। 69-70।
 
Maharaj! When flowers start blooming and fruits start blooming, then the era will be destroyed. At the end of the era, the clouds will rain at the wrong time. 69-70.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)