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mahabharat 3.190.53: युग के मनुष्य म्लेच्छों के समान सर्वभक्षी अर्थात् अभक्ष्य पदार्थों को भी खाने वाले हो जाएँगे। इसमें संदेह नहीं कि वे प्रत्येक कार्य में अपनी क्रूरता दिखाएँगे ॥53॥   |   mahabharat अध्याय 3.190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 53
 
 
श्लोक  3.190.53 
म्लेच्छाचारा: सर्वभक्षा दारुणा: सर्वकर्मसु।
भाविन: पश्चिमे काले मनुष्या नात्र संशय:॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
युग के मनुष्य म्लेच्छों के समान सर्वभक्षी अर्थात् अभक्ष्य पदार्थों को भी खाने वाले हो जाएँगे। इसमें संदेह नहीं कि वे प्रत्येक कार्य में अपनी क्रूरता दिखाएँगे ॥53॥
 
The humans of the Yugat era will become like Mlechchas and will become omnivorous i.e. eaters of even non-food items. There is no doubt that they will show their cruelty in every action. 53॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)