श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  3.190.44 
ये यवान्ना जनपदा गोधूमान्नास्तथैव च।
तान् देशान् संश्रयिष्यन्ति युुगान्ते पर्युपस्थिते॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
युग का अन्त आने पर (लोग) उन प्रदेशों में जाएँगे जहाँ जौ और गेहूँ आदि अन्न बहुतायत से उत्पन्न होते हैं (भले ही वह प्रदेश निषिद्ध हो)। ॥44॥
 
When the end of the age comes (people) will go to those regions where cereals like barley and wheat are grown in abundance (even if that region is prohibited). ॥ 44॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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