| श्री महाभारत » पर्व 3: वन पर्व » अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन » श्लोक 41 |
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| | | | श्लोक 3.190.41  | एकाहार्यं युगं सर्वं लोभमोहव्यवस्थितम्।
अधर्मो वर्द्धते तत्र न तु धर्म: प्रवर्तते॥ ४१॥ | | | | | | अनुवाद | | इस युग के सभी मनुष्य लोभ और मोह में फँसे हुए, बिना यह विचार किए कि क्या खाने योग्य है और क्या नहीं, एक साथ मिलकर भोजन करेंगे। अधर्म बढ़ेगा और धर्म लुप्त हो जाएगा॥ 41॥ | | | | All the people of this age, trapped by greed and attachment, will join together and eat together without thinking about what is edible and what is not. Irreligion will increase and righteousness will disappear.॥ 41॥ | | ✨ ai-generated | | |
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