श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.190.38 
म्लेच्छीभूतं जगत् सर्वं भविष्यति न संशय:।
हस्तो हस्तं परिमुषेद् युगान्ते समुपस्थिते॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
उस समय सारा जगत म्लेच्छ हो जाएगा - इसमें संशय नहीं है। एक हाथ दूसरे को लूटेगा - यहाँ तक कि सगा भाई भी अपने भाई का धन हड़प लेगा। 38।
 
At that time the whole world will become mlecchas - there is no doubt about it. One hand will rob the other - even a real brother will usurp his brother's wealth. 38.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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