Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.190.28: पिता और पिता को मारकर भी पुत्र को चिन्ता नहीं होगी। लोग अपनी प्रशंसा के लिए बड़े-बड़े दावे करेंगे, परन्तु समाज में उनकी निन्दा नहीं होगी।॥28॥ | mahabharat अध्याय 3.190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुत्र:पितृवधं कृत्वा पिता पुत्रवधं तथा।
निरुद्वेगो बृहद्वादी न निन्दामुपलप्स्यते॥ २८॥
अनुवाद
पिता और पिता को मारकर भी पुत्र को चिन्ता नहीं होगी। लोग अपनी प्रशंसा के लिए बड़े-बड़े दावे करेंगे, परन्तु समाज में उनकी निन्दा नहीं होगी।॥28॥
Even after killing a father and a father, a son will not be worried. People will make tall claims to praise themselves, but they will not be criticized in society.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥