श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  3.190.27 
निम्ने कृषिं करिष्यन्ति योक्ष्यन्ति धुरि धेनुका:।
एकहायनवत्सांश्च योजयिष्यन्ति मानवा:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
मनुष्य निचले क्षेत्रों (अर्थात् जहाँ गायें पानी पी सकें और चर सकें) में खेती करेंगे। वे दूध देने वाली गायों को भी बोझा ढोने के काम में लगाएँगे और एक वर्ष के बछड़ों को भी हल में जोतेंगे।॥27॥
 
Humans will cultivate low-lying areas (i.e. places where cows can drink water and graze). They will put even the milk-giving cows to work as load-carriers and will also harness year-old calves to the plough.॥ 27॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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