श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  3.190.26 
न व्रतानि चरिष्यन्ति ब्राह्मणा वेदनिन्दका:।
न यक्ष्यन्ति न होष्यन्ति हेतुवादविमोहिता:।
निम्नेष्वीहां करिष्यन्ति हेतुवादविमोहिता:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मण व्रत और नियमों का पालन नहीं करेंगे, बल्कि वेदों की निन्दा करने लगेंगे। तर्क मात्र से मोहित होकर वे यज्ञ और होम करना छोड़ देंगे। तर्क मात्र से मोहित होकर वे नीचतम कर्म करने का प्रयत्न करेंगे।॥26॥
 
Brahmins will not follow the fasts and rules, on the contrary they will start criticizing the Vedas. Tempted by mere logic they will give up performing yagnas and homas. Tempted by mere logic they will try to do the lowest of deeds.॥ 26॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas