Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.183.70: वे पापी हो गए और अपने बुरे कर्मों के फलस्वरूप पशु-पक्षी आदि योनियों में जाकर नरक में गिरने लगे। वे बार-बार विचित्र सांसारिक योनियों में जन्म लेते और दुःखों से पीड़ित होते रहे। 70. | mahabharat अध्याय 3.183: काम्यकवनमें पाण्डवोंके पास भगवान् श्रीकृष्ण, मुनिवर मार्कण्डेय तथा नारदजीका आगमन एवं युधिष्ठिरके पूछनेपर मार्कण्डेयजीके द्वारा कर्मफल-भोगका विवेचन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे पापी हो गए और अपने बुरे कर्मों के फलस्वरूप पशु-पक्षी आदि योनियों में जाकर नरक में गिरने लगे। वे बार-बार विचित्र सांसारिक योनियों में जन्म लेते और दुःखों से पीड़ित होते रहे। 70.
They became sinful and as a result of their evil deeds, they started going to the wombs of animals, birds etc. and falling into hell. They were repeatedly born in strange worldly wombs and were tormented by misery. 70.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥