Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.18.8: हे वीर! मैं युद्धभूमि से धीरे-धीरे जा रहा हूँ, क्योंकि यह पापी शाल्व बहुत बलवान है। सारथी का कर्तव्य है कि यदि कोई वीर सारथी युद्ध में मूर्छित हो जाए, तो वह किसी प्रकार उसके प्राण बचाए। 8. | mahabharat अध्याय 3.18: मूर्च्छावस्थामें सारथिके द्वारा रणभूमिसे बाहर लाये जानेपर प्रद्युम्नका अनुताप और इसके लिये सारथिको उपालम्भ देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे वीर! मैं युद्धभूमि से धीरे-धीरे जा रहा हूँ, क्योंकि यह पापी शाल्व बहुत बलवान है। सारथी का कर्तव्य है कि यदि कोई वीर सारथी युद्ध में मूर्छित हो जाए, तो वह किसी प्रकार उसके प्राण बचाए। 8.
O brave one! I am slowly going away from the battlefield because this sinner Shalva is very strong. It is the duty of a charioteer that if a valiant charioteer faints in the battle, he should somehow save his life. 8.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥