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mahabharat 3.178.28: वह अजगर अत्यन्त क्रोध से भर गया। वह (मनुष्यों को पकड़ने वाला) सर्प सहसा भीमसेन के पास आया और उनकी दोनों भुजाएँ बलपूर्वक पकड़ लीं॥ 28॥   |   mahabharat अध्याय 3.178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  3.178.28 
स भीमं सहसाभ्येत्य पृदाकु: कुपितो भृशम्।
जग्राहाजगरो ग्राहो भुजयोरुभयोर्बलात्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
वह अजगर अत्यन्त क्रोध से भर गया। वह (मनुष्यों को पकड़ने वाला) सर्प सहसा भीमसेन के पास आया और उनकी दोनों भुजाएँ बलपूर्वक पकड़ लीं॥ 28॥
 
That python was filled with great anger. That serpent (that seizes men) suddenly came near Bhimasena and seized both his arms forcefully.॥ 28॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)