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mahabharat 3.178.12: भीमसेन अपने महान बल के लिए प्रसिद्ध थे। उनमें सैकड़ों हाथियों का बल था। वे उस वन में विशाल दांतों वाले बड़े-बड़े सिंहों को भी परास्त कर सकते थे।॥12॥   |   mahabharat अध्याय 3.178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 178: महाबली भीमसेनका हिंसक पशुओंको मारना और अजगरद्वारा पकड़ा जाना  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.178.12 
भीमसेनस्तु विख्यातो महान्तं दंष्ट्रिणं बलात्।
निघ्नन्नागशतप्राणो वने तस्मिन् महाबल:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन अपने महान बल के लिए प्रसिद्ध थे। उनमें सैकड़ों हाथियों का बल था। वे उस वन में विशाल दांतों वाले बड़े-बड़े सिंहों को भी परास्त कर सकते थे।॥12॥
 
Bhimasena was famous for his great strength. He had the strength of hundreds of elephants. He could defeat even the biggest lions with huge teeth in that forest.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)