Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.177.12: कुलिन्द के पाले, पीड़ा आदि से समृद्ध तथा प्रचुर रत्नों से परिपूर्ण देशों को पार करते हुए उन वीर पुरुषों ने हिमालय के दुर्गम स्थानों को पार करते हुए राजा सुबाहुक के नगर को देखा ॥12॥ | mahabharat अध्याय 3.177: पाण्डवोंका गन्धमादनसे बदरिकाश्रम, सुबाहुनगर और विशाखयूप वनमें होते हुए सरस्वती-तटवर्ती द्वैतवनमें प्रवेश । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कुलिन्द के पाले, पीड़ा आदि से समृद्ध तथा प्रचुर रत्नों से परिपूर्ण देशों को पार करते हुए उन वीर पुरुषों ने हिमालय के दुर्गम स्थानों को पार करते हुए राजा सुबाहुक के नगर को देखा ॥12॥
Crossing the countries rich in the frost, pain, etc. of Kulinda and full of abundant gems, those brave men, crossing the inaccessible places of the Himalayas, saw the city of King Subahuka. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥