|
| |
| |
श्लोक 3.175.21  |
एतानि रक्ष्यमाणानि धनंजय यथागमम्।
बलवन्ति सुखार्हाणि भविष्यन्ति न संशय:॥ २१॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| 'धनंजय! इसमें कोई संदेह नहीं है कि ये अस्त्र शास्त्रविधि से सुरक्षित रखे जाने पर ही शक्तिशाली और सुखदायक होते हैं ॥ 21॥ |
| |
| 'Dhananjaya! There is no doubt that these weapons are powerful and soothing only when kept safely in accordance with the scriptures. ॥ 21॥ |
| ✨ ai-generated |
| |
|