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mahabharat 3.171.9: हे भारत! जब मैंने पत्थरों की वर्षा रोक दी और जल की वर्षा को भी सोख लिया, तब दैत्यों ने मुझ पर मायावी अग्नि और वायु का प्रयोग करना आरम्भ कर दिया॥9॥   |   mahabharat अध्याय 3.171: दानवोंके मायामय युद्धका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 171: दानवोंके मायामय युद्धका वर्णन  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.171.9 
हतेऽश्मवर्षे च मया जलवर्षे च शोषिते।
मुमुचुर्दानवा मायामग्निं वायुं च भारत॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! जब मैंने पत्थरों की वर्षा रोक दी और जल की वर्षा को भी सोख लिया, तब दैत्यों ने मुझ पर मायावी अग्नि और वायु का प्रयोग करना आरम्भ कर दिया॥9॥
 
O Bharata! When I stopped the rain of stones and also absorbed the rain of water, then the demons started using the illusory fire and air on me.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)