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mahabharat 3.171.25: नरेश्वर! ऐसा कहकर मैंने देवताओं के हित के लिए माया को उत्पन्न किया, जो अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित थी और जो सम्पूर्ण प्राणियों को मोहित करने में समर्थ थी॥25॥   |   mahabharat अध्याय 3.171: दानवोंके मायामय युद्धका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 171: दानवोंके मायामय युद्धका वर्णन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  3.171.25 
एवमुक्त्वाहमसृजमस्त्रमायां नराधिप।
मोहनीं सर्वभूतानां हिताय त्रिदिवौकसाम्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
नरेश्वर! ऐसा कहकर मैंने देवताओं के हित के लिए माया को उत्पन्न किया, जो अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित थी और जो सम्पूर्ण प्राणियों को मोहित करने में समर्थ थी॥25॥
 
Nareshwar! Having said this, for the benefit of the gods, I created Maya, who was armed with weapons, and who was able to beguile all living beings. 25॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)