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mahabharat 3.17.15: जब युद्ध में प्रद्युम्न के बाणों से सौभ विमान के स्वामी राजा शाल्व घायल हो गए, तब वे इसे सहन न कर सके; क्रोध में भरकर उन्होंने मेरे पुत्र पर प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी बाण चलाने आरम्भ कर दिए।   |   mahabharat अध्याय 3.17: प्रद्युम्न और शाल्वका घोर युद्ध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 17: प्रद्युम्न और शाल्वका घोर युद्ध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.17.15 
स तैरभिहत: संख्ये नामर्षयत सौभराट्।
शरान् दीप्ताग्निसंकाशान् मुमोच तनये मम॥ १५॥
 
 
अनुवाद
जब युद्ध में प्रद्युम्न के बाणों से सौभ विमान के स्वामी राजा शाल्व घायल हो गए, तब वे इसे सहन न कर सके; क्रोध में भरकर उन्होंने मेरे पुत्र पर प्रज्वलित अग्नि के समान तेजस्वी बाण चलाने आरम्भ कर दिए।
 
When King Shalva, the owner of the Saubha aircraft, was wounded by Pradyumna's arrows in the war, he could not tolerate it; filled with anger he began shooting arrows as bright as a blazing fire at my son.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)