हे कुन्तीपुत्र! इस प्रकार सूर्यदेव जागृत होकर समस्त प्राणियों को आकर्षित और पोषित करते हुए तथा कालचक्र को चलाते हुए विचरण करते हैं॥40॥
'O son of Kunti! In this manner the Sun God becomes alert and moves about, attracting and nourishing all beings and also operating the wheel of time.॥ 40॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥