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mahabharat 3.162.13: हे धर्मात्माओं में श्रेष्ठ राजा! भीमसेन यहाँ साहसपूर्वक आया है; उसे समझाकर उचित प्रकार से मना करो (ताकि वह फिर कोई अपराध न करे)॥13॥   |   mahabharat अध्याय 3.162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 162: कुबेरका युधिष्ठिर आदिको उपदेश और सान्त्वना देकर अपने भवनको प्रस्थान  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  3.162.13 
साहसादनुसम्प्राप्त: प्रतिबुध्य वृकोदर:।
वार्यतां साध्वयं राजंस्त्वया धर्मभृतां वर॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे धर्मात्माओं में श्रेष्ठ राजा! भीमसेन यहाँ साहसपूर्वक आया है; उसे समझाकर उचित प्रकार से मना करो (ताकि वह फिर कोई अपराध न करे)॥13॥
 
O best king among the virtuous! Bhimasena has come here daringly; explain this to him and forbid him properly (so that he does not commit any crime again).॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)