Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.16.26: राजन! तत्पश्चात् मेरे उस महारथी पुत्र ने क्रोध में भरकर विन्ध्य पर वह बाण चलाया। उसके लगते ही विन्ध्य प्राणहीन होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा॥26॥ | mahabharat अध्याय 3.16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स विविन्ध्याय सक्रोध: समाहूय महारथ:।
चिक्षेप मे सुतो राजन् स गतासुरथापतत्॥ २६॥
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् मेरे उस महारथी पुत्र ने क्रोध में भरकर विन्ध्य पर वह बाण चलाया। उसके लगते ही विन्ध्य प्राणहीन होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा॥26॥
Rajan! After that, that great warrior son of mine, filled with anger, shot that arrow at Vindhya. As soon as it hit, Vivindhya became lifeless and fell on the earth. 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥