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mahabharat 3.16.18: राजेन्द्र! वृष्णिवंश का भार वहन करने वाले वीर साम्ब उस वेगवान के वेग को सहन करते हुए धैर्यपूर्वक उसका सामना करने लगे ॥18॥   |   mahabharat अध्याय 3.16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 16: शाल्वकी विशाल सेनाके आक्रमणका यादवसेनाद्वारा प्रतिरोध, साम्बद्वारा क्षेमवृद्धिकी पराजय, वेगवान‍्का वध तथा चारुदेष्णद्वारा विविन्ध्य दैत्यका वध एवं प्रद्युम्नद्वारा सेनाको आश्वासन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  3.16.18 
अभिपन्नस्तु राजेन्द्र साम्बो वृष्णिकुलोद्वह:।
वेगं वेगवतो राजंस्तस्थौ वीरो विधारयन्॥ १८॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! वृष्णिवंश का भार वहन करने वाले वीर साम्ब उस वेगवान के वेग को सहन करते हुए धैर्यपूर्वक उसका सामना करने लगे ॥18॥
 
Rajendra! Brave Samb, who was carrying the burden of Vrishni dynasty, started facing him patiently while bearing the speed of the speedster. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)