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mahabharat 3.158.2: एक दिन उन्होंने द्रौपदी सहित अपने सभी भाइयों को एकत्र किया और अपने प्रिय भाई अर्जुन का स्मरण करते हुए कहा-॥2॥   |   mahabharat अध्याय 3.158: नर-नारायण-आश्रमसे वृषपर्वाके यहाँ होते हुए राजर्षि आर्ष्टिषेणके आश्रमपर जाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.158.2 
स समानीय तान् सर्वान् भ्रातॄनित्यब्रवीद् वच:।
द्रौपद्या सहितान् काले संस्मरन् भ्रातरं जयम्॥ २॥
 
 
अनुवाद
एक दिन उन्होंने द्रौपदी सहित अपने सभी भाइयों को एकत्र किया और अपने प्रिय भाई अर्जुन का स्मरण करते हुए कहा-॥2॥
 
One day he gathered all his brothers including Draupadi and remembering his beloved brother Arjun, he said -॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)