Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.158.15: वे श्रेष्ठ व्रतों का पालन करने वाले पराक्रमी राजा कभी अपने भाइयों के साथ पैदल चलते थे और कभी राक्षसों द्वारा पीठ पर लादे हुए जाते थे। इस प्रकार वे अनेक स्थानों पर जाते थे॥15॥ | mahabharat अध्याय 3.158: नर-नारायण-आश्रमसे वृषपर्वाके यहाँ होते हुए राजर्षि आर्ष्टिषेणके आश्रमपर जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे श्रेष्ठ व्रतों का पालन करने वाले पराक्रमी राजा कभी अपने भाइयों के साथ पैदल चलते थे और कभी राक्षसों द्वारा पीठ पर लादे हुए जाते थे। इस प्रकार वे अनेक स्थानों पर जाते थे॥15॥
Those mighty kings who followed the best vows sometimes walked on foot with their brothers and sometimes were carried by the demons on their backs. In this way they went to many places.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥