Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.158.103: तत्पश्चात् वे कठोर तपस्वी दुर्बल शरीरवाले तथा दुःखी राजा आर्ष्टिषेण के पास गए जो सम्पूर्ण धर्मों में पारंगत थे ॥103॥ | mahabharat अध्याय 3.158: नर-नारायण-आश्रमसे वृषपर्वाके यहाँ होते हुए राजर्षि आर्ष्टिषेणके आश्रमपर जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् वे कठोर तपस्वी दुर्बल शरीरवाले तथा दुःखी राजा आर्ष्टिषेण के पास गए जो सम्पूर्ण धर्मों में पारंगत थे ॥103॥
Thereafter that strict ascetic went to the weak bodied and tormented king Aarishtena who was well versed in all the religions.॥103॥
इति श्रीमहाभारते आरण्यके पर्वणि यक्षयुद्धपर्वणि गन्धमादनप्रवेशे अष्टपञ्चाशदधिकशततमोऽध्याय:॥ १५८॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत यक्षयुद्धपर्वमें गन्धमादनप्रवेशविषयक एक सौ अट्ठावनवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५८॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥