Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.156.16: उस आश्रम से आगे बढ़कर अर्ष्टिसेन के आश्रम में जाओ और वहीं रहो। तत्पश्चात् तुम धनदाता कुबेर का निवास देखोगे।॥16॥   |   mahabharat अध्याय 3.156: पाण्डवोंका आकाशवाणीके आदेशसे पुन: नर-नारायणाश्रममें लौटना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 156: पाण्डवोंका आकाशवाणीके आदेशसे पुन: नर-नारायणाश्रममें लौटना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  3.156.16 
अतिक्रम्य च तं पार्थ त्वार्ष्टिषेणाश्रमे वसे:।
ततो द्रक्ष्यसि कौन्तेय निवेशं धनदस्य च॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उस आश्रम से आगे बढ़कर अर्ष्टिसेन के आश्रम में जाओ और वहीं रहो। तत्पश्चात् तुम धनदाता कुबेर का निवास देखोगे।॥16॥
 
‘Go past that hermitage and go to the hermitage of Arshtisena and stay there. Thereafter you will see the residence of Kubera, the giver of wealth.'॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)