Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.155.4: जब भीमसेन राक्षसों के साथ युद्ध में अपना महान पराक्रम दिखा रहे थे, तब पृथ्वी हिलने लगी, आकाश गरजने लगा और धूल की वर्षा होने लगी।॥4॥ | mahabharat अध्याय 3.155: भयंकर उत्पात देखकर युधिष्ठिर आदिकी चिन्ता और सबका गन्धमादन-पर्वतपर सौगन्धिकवनमें भीमसेनके पास पहुँचना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब भीमसेन राक्षसों के साथ युद्ध में अपना महान पराक्रम दिखा रहे थे, तब पृथ्वी हिलने लगी, आकाश गरजने लगा और धूल की वर्षा होने लगी।॥4॥
While Bhima was displaying his great valour in the battle with the demons, the earth began to shake, the sky began to thunder and a rain of dust began. ॥4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥