Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.155.2: उसी समय गन्धमादन पर्वत पर बड़े वेग से एक बड़ा भारी तूफान उठा, जो कंकर और रेत की वर्षा करने वाला था। उसका स्पर्श तीव्र था। वह किसी बड़े युद्ध का संकेत देने वाला था॥2॥ | mahabharat अध्याय 3.155: भयंकर उत्पात देखकर युधिष्ठिर आदिकी चिन्ता और सबका गन्धमादन-पर्वतपर सौगन्धिकवनमें भीमसेनके पास पहुँचना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसी समय गन्धमादन पर्वत पर बड़े वेग से एक बड़ा भारी तूफान उठा, जो कंकर और रेत की वर्षा करने वाला था। उसका स्पर्श तीव्र था। वह किसी बड़े युद्ध का संकेत देने वाला था॥2॥
At the same time, a very strong storm arose on the Gandhamadan mountain with great speed, which was about to rain pebbles and sand down. Its touch was sharp. It was about to signal some huge battle.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥