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श्लोक 3.150.49  |
निग्रहे प्रग्रहे सम्यग् यदा राजा प्रवर्तते।
तदा भवति लोकस्य मर्यादा सुव्यवस्थिता॥ ४९॥ |
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| अनुवाद |
| जब राजा संयम और अनुकूलतापूर्वक उचित आचरण करता है, तभी प्रजा की मर्यादा सुरक्षित रहती है ॥49॥ |
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| When the King behaves properly in restraint and favour, then only the dignity of the people remains safe. ॥ 49॥ |
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