श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 146: भीमसेनका सौगन्धिक कमल लानेके लिये जाना और कदलीवनमें उनकी हनुमान‍्जीसे भेंट  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  3.146.42 
तेन वित्रासिता नागा: करेणुपरिवारिता:।
तद् वनं स परित्यज्य जग्मुरन्यन्महावनम्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन की गर्जना से भयभीत होकर हाथी उस वन को छोड़कर हथिनियों से घिरे हुए दूसरे विशाल वन में चले गए।
 
Frightened by Bhimasena's roar, the elephants left that forest and went to another large forest surrounded by female elephants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)