Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.145.1-2: युधिष्ठिर ने कहा - अत्यंत भयंकर पराक्रम दिखाने वाले भीम! राक्षसों में श्रेष्ठ आपका पुत्र घटोत्कच धार्मिक, बलवान, शूरवीर, सत्यवादी और हम लोगों का भक्त है। वह हमें शीघ्र ले जाए। हे भीमसेन! आपके पुत्र घटोत्कच के द्वारा मेरे शरीर को कोई क्षति पहुँचाए बिना मैं द्रौपदी सहित गंधमादन पर्वत पर पहुँच जाऊँ। 1-2॥ | mahabharat अध्याय 3.145: घटोत्कच और उसके साथियोंकी सहायतासे पाण्डवोंका गन्धमादन पर्वत एवं बदरिकाश्रममें प्रवेश तथा बदरीवृक्ष,नर-नारायणाश्रम और गंगाका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर ने कहा - अत्यंत भयंकर पराक्रम दिखाने वाले भीम! राक्षसों में श्रेष्ठ आपका पुत्र घटोत्कच धार्मिक, बलवान, शूरवीर, सत्यवादी और हम लोगों का भक्त है। वह हमें शीघ्र ले जाए। हे भीमसेन! आपके पुत्र घटोत्कच के द्वारा मेरे शरीर को कोई क्षति पहुँचाए बिना मैं द्रौपदी सहित गंधमादन पर्वत पर पहुँच जाऊँ। 1-2॥
Yudhishthir said – Bhima, who shows extremely fearsome bravery! Your son Ghatotkacha, the best of demons, is religious, strong, brave, truthful and a devotee of us. May it take us quickly. Due to which Bhimsen! May I reach Gandhamadan mountain along with Draupadi without any harm to my body by your son Ghatotkacha. 1-2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥