श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 143: गन्धमादनकी यात्राके समय पाण्डवोंका आँधी-पानीसे सामना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.143.8 
ततो रेणु: समुद्‍भूत: सपत्रबहुलो महान्।
पृथिवीं चान्तरिक्षं च द्यां चैव सहसाऽऽवृणोत्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तब धूल और पत्तों से भरा हुआ एक बड़ा भारी तूफान उठा, जिसने सहसा पृथ्वी, अंतरिक्ष और स्वर्ग को भी ढक लिया ॥8॥
 
Then a huge storm filled with dust and leaves arose, which suddenly covered the earth, space and even the heaven. ॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)