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mahabharat 3.143.6: इस प्रकार महान पाण्डवों ने गन्धमादन पर्वत की घाटी में प्रवेश किया, जो गन्धर्वों और अप्सराओं की प्रिय भूमि, किन्नरों की क्रीड़ास्थली तथा ऋषियों, सिद्धों और देवताओं का निवासस्थान है॥6॥   |   mahabharat अध्याय 3.143: गन्धमादनकी यात्राके समय पाण्डवोंका आँधी-पानीसे सामना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 143: गन्धमादनकी यात्राके समय पाण्डवोंका आँधी-पानीसे सामना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.143.6 
ऋषिसिद्धामरयुतं गन्धर्वाप्सरसां प्रियम्।
विविशुस्ते महात्मान: किन्नराचरितं गिरिम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार महान पाण्डवों ने गन्धमादन पर्वत की घाटी में प्रवेश किया, जो गन्धर्वों और अप्सराओं की प्रिय भूमि, किन्नरों की क्रीड़ास्थली तथा ऋषियों, सिद्धों और देवताओं का निवासस्थान है॥6॥
 
Thus the great Pandavas entered the valley of the Gandhamadana mountain, the favourite land of the Gandharvas and Apsaras, the playground of the Kinnars and the abode of sages, Siddhas and Gods.॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)