श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 143: गन्धमादनकी यात्राके समय पाण्डवोंका आँधी-पानीसे सामना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.143.14 
तत: कार्मुकमादाय भीमसेनो महाबल:।
कृष्णामादाय संगम्य तस्थावाश्रित्य पादपम्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
उस समय महाबली भीमसेन हाथ में धनुष लिये तथा द्रौपदी को साथ लिये एक वृक्ष के सहारे खड़े थे।
 
At that time the mighty Bhimasena, with bow in his hand and Draupadi by his side, stood leaning against a tree.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)