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mahabharat 3.142.48: जब पृथ्वी को ऊपर उठाया जा रहा था, तो सर्वत्र बड़ी हलचल मच गई। सभी देवता और तपस्वी ऋषिगण व्याकुल हो गए।   |   mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  3.142.48 
तस्यां चोद्धार्यमाणायां संक्षोभ: समजायत।
देवा: संक्षुभिता: सर्वे ऋषयश्च तपोधना:॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
जब पृथ्वी को ऊपर उठाया जा रहा था, तो सर्वत्र बड़ी हलचल मच गई। सभी देवता और तपस्वी ऋषिगण व्याकुल हो गए।
 
When the earth was being lifted there was a great commotion everywhere. All the gods and ascetic sages were agitated.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)