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mahabharat 3.142.37: फिर पक्षियों के झुंड बढ़ने लगे। गाय, बैल, भेड़-बकरी, घोड़े, हिरण और मांसाहारी जीव-जंतु सब बढ़ने लगे। 37.   |   mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  3.142.37 
वर्धन्ते पक्षिसंघाश्च तथा पशुगवेडकम्।
गवाश्वं च मृगाश्चैव सर्वे ते पिशिताशना:॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
फिर पक्षियों के झुंड बढ़ने लगे। गाय, बैल, भेड़-बकरी, घोड़े, हिरण और मांसाहारी जीव-जंतु सब बढ़ने लगे। 37.
 
Then the flocks of birds started increasing. Animals like cows, bulls, sheep-goats, horses, deer and carnivorous creatures all started increasing. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)