Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.142.33: भगवान् के उस अद्भुत पराक्रम का ज्ञान मुझे किसने बताया (दिया) ? हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! मैं यह सब यथार्थ रूप में विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। आप ही इस कथा के स्रोत (ज्ञाता) हैं॥33॥ | mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान् के उस अद्भुत पराक्रम का ज्ञान मुझे किसने बताया (दिया) ? हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! मैं यह सब यथार्थ रूप में विस्तारपूर्वक सुनना चाहता हूँ। आप ही इस कथा के स्रोत (ज्ञाता) हैं॥33॥
Who showed (gave) me the knowledge of that wonderful feat of God? O best of Brahmins! I want to hear all this in detail in its true form. You are the source (knower) of this story.॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥