Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.142.29: एक बार जब सम्पूर्ण पृथ्वी समुद्र के जल में डूबकर अदृश्य हो गई और पाताल में डूब गई, तब भगवान विष्णु ने पर्वत शिखर के समान एकदंत वराह का रूप धारण करके उसकी रक्षा की थी। | mahabharat अध्याय 3.142: पाण्डवोंद्वारा गंगाजीकी वन्दना, लोमशजीका नरकासुरके वध और भगवान् वाराहद्वारा वसुधाके उद्धारकी कथा कहना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एक बार जब सम्पूर्ण पृथ्वी समुद्र के जल में डूबकर अदृश्य हो गई और पाताल में डूब गई, तब भगवान विष्णु ने पर्वत शिखर के समान एकदंत वराह का रूप धारण करके उसकी रक्षा की थी।
Once the whole earth became invisible after submerging in the waters of the ocean and sank into the netherworld. At that time Lord Vishnu had saved it by taking the form of a one-toothed boar resembling a mountain peak.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥