श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 139: पाण्डवोंकी उत्तराखण्ड-यात्रा और लोमशजीद्वारा उसकी दुर्गमताका कथन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  3.139.14 
स्वस्ति ते वरुणो राजा यमश्च समितिंजय:।
गङ्गा च यमुना चैव पर्वतश्च दधातु ते॥ १४॥
 
 
अनुवाद
राजा वरुण, युद्ध में विजयी यमराज, गंगा-यमुना और यह पर्वत तुम्हारा कल्याण करें॥14॥
 
May King Varuna, the victorious Yamaraja of war, the Ganges-Yamuna and this mountain bless you. ॥14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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