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mahabharat 3.138.27: लोमश कहते हैं: हे राजन! यवक्रीत से ऐसा कहकर अग्नि आदि देवताओं ने उन सबको नया जीवन दिया और फिर स्वर्गलोक को चले गये।   |   mahabharat अध्याय 3.138: अर्वावसुकी तपस्याके प्रभावसे परावसुका ब्रह्महत्यासे मुक्त होना और रैभ्य,भरद्वाज तथा यवक्रीत आदिका पुनर्जीवित होना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 138: अर्वावसुकी तपस्याके प्रभावसे परावसुका ब्रह्महत्यासे मुक्त होना और रैभ्य,भरद्वाज तथा यवक्रीत आदिका पुनर्जीवित होना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  3.138.27 
लोमश उवाच
यवक्रीतमथोक्त्वैवं देवा: साग्निपुरोगमा:।
संजीवयित्वा तान् सर्वान् पुनर्जग्मुस्त्रिविष्टपम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
लोमश कहते हैं: हे राजन! यवक्रीत से ऐसा कहकर अग्नि आदि देवताओं ने उन सबको नया जीवन दिया और फिर स्वर्गलोक को चले गये।
 
Lomasha says: O King! After saying this to Yavakrit, the gods like Agni etc. gave them all a new life and then departed for heaven.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)