Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.137.6: शूद्र ने कहा, "हे प्रभु! आपका यह मन्दबुद्धि पुत्र अवश्य ही रैभ्य के यहाँ गया था। उसी का फल है कि वह एक अत्यन्त बलवान राक्षस द्वारा मारा गया है और पृथ्वी पर पड़ा है।" | mahabharat अध्याय 3.137: भरद्वाजका पुत्रशोकसे विलाप करना, रैभ्यमुनिको शाप देना एवं स्वयं अग्निमें प्रवेश करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शूद्र उवाच
रैभ्यं यातो नूनमयं पुत्रस्ते मन्दचेतन:।
तथा हि निहत: शेते राक्षसेन बलीयसा॥ ६॥
अनुवाद
शूद्र ने कहा, "हे प्रभु! आपका यह मन्दबुद्धि पुत्र अवश्य ही रैभ्य के यहाँ गया था। उसी का फल है कि वह एक अत्यन्त बलवान राक्षस द्वारा मारा गया है और पृथ्वी पर पड़ा है।"
The shudra said, "O Lord! This slow-witted son of yours had surely gone to Raibhya's place. The result of that is that he has been killed by a very powerful demon and is lying on the earth." 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥